Mumbai ki झुग्गी झोपड़ी Se Dubai ki billionaire banne ki kahani /mr Sonu Sharma X Rizwan Sajan


Mumbai ki झुग्गी झोपड़ी Se Dubai ki billionaire  banne ki kahani /mr Sonu Sharma X Rizwan Sajan

क्या आप जिंगदगी  में कुछ करना चाहते हो, क्या आप जिंदगी को बदलना चाहते हो क्या आप अपने जीवन में कुछ कर गुजरना  चाहते हो अपने सपने को पूरा करना चाहते हो तो ये वीडियो आपके लिए।











A Day of Stretegy , Synergy & Success With Dhanuka


 

A Day of Stretegy , Synergy & Success   With Dhanuka

What an incredible experience leading an impact full session with the dynamic team at dhanuka
One of the indian most respected agri solutions  companies 
Mr Sonu Sharma dived deep into what truly drives Business excellence .
Seles Stretegy __      beyond number's it's about building value trust & long term wins 
Relationship building  because real success is rooted in genuine human conection 
Performance coaching    
Unleashing potential  driving ownership and turning good into GREAT
Public realionship. 
Crafting the right brand narrative with outhenticity and influence 

Bharat me direct selling business ka shruwati dour

 भारत में डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस का शुरुआती दौर..

जिस प्रकार भारत में शुरुआत में ट्रेन आया तो भारत के लोग काला भूत कहते थे और इसमें बैठने से भी डरते थे इसे भी स्वीकार नहीं किए लेकिन आज भारत के लोग ही train का सफर करने के लिए 1 महीने पहले टिकट करते है
और bata कंपनी का चप्पल जूता आया तो इसको भी शुरुआत में स्वीकार नहीं किया । लेकिन आज के समय में bata केवल name nhi ब्रांड hai ब्रांड 
जब गैस स्लेंडर भी शुरुआत में आया इसको भी स्वीकार नहीं कर रहे थे कहते थे कि आग का गोला है लेकिन वही आज आग का गोला हर घर में है

और जब शुरूआत में नौकरों भी आया इसको भी भारत के लोग इसे स्वीकार नहीं किया लेकिन आज के समय में वही नौकरी को पाने के लिए आज इधर उधर भटक रहे है आज वही नौकरी को पाने किए लाखों करोड़ों लोग compatition का तैयारी कर रहे है आज वही नौकरी को पाने के लिए मंदिर मस्जिद जा रहे है कि नौकरी हो जय आज वहीं नौकरी को पाने के लिए लाखों करोड़ों रुपयों घुस डोनेशन देते है
जब शुरुआती दौर में फिल्म इंडस्ट्रीज आया था तो इसको भी भारत के लोग स्वीकार नहीं किया लेकिन आज वही फिल्म  इंडस्ट्रीज लाखों करोड़ों लोगों में से कुछ ही लोग सक्सेस होते है।
ठीक उसी प्रकार जब 10 अगस्त 2003 में डायरेक्टर सेलिंग बिज़नेस का शुरूआत भारत में हुआ तो इसे लोग फंसने फसाने वाला bussiness कहते थे , लूटने वाली कंपनी ,सपने दिखाने वाले कंपनी कहते थे ऐसे में इस बिजनेस को लोग अनेकों नाम से जानते हैं जैसे जोड़ने वाला काम,mlm company, network marketing, जैसे नमो से जानते है l
ऐसे में इस बिज़नेस में लोग ज्वाइन होते थे और सेमीनार,और यहां के ट्रेनिंग को लेने के बाद भी विश्वाश नहीं करते थे और लोगों की बात सुन करके छोड़ के जले जाते थे। ऐसे समय चल रहा था कि 2015 में एक IDSA एक संस्था का स्थापना किया जिसमें वैसे कंपनी को GOVERMENT इस संस्था का मेंबर बनाया जिस DIRECT SELLING COMPANY KA PRODUCT अच्छा था और खुद का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट था ऐसे में जितने भी इल्लीगल कंपनी बंद हो गया 
इंडियन डायरेक्ट सेलिंग एसोसिएशन (IDSA) के नए अध्यक्ष डॉ. रत्नेश लाल हैं, जिन्हें सितंबर 2025 में चुना गया था। वे हर्बालाइफ इंडिया से हैं और उन्होंने विवेक कटोच का स्थान लिया है। 
  • अध्यक्ष: डॉ. रत्नेश लाल
  • पिछला अध्यक्ष: विवेक कटोच
  • उपाध्यक्ष: अपराजिता सरकार
  • सचिव: रजत बनर्जी

  •              IDSA का अध्यक्ष डॉ रत्नेश लाल








सफलता के 24 अध्याय (24 Chapters of Success) by Sonu Sharma | Hindi Self Help & Motivation Book on Success, Mindset, Habits, Wealth, Leadership, Health & Personal Growth

 

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सफलता के 24 अध्याय केवल मोटिवेशन की पुस्तक नहीं है! यह आपके सपनों को वास्तविक बनाने की एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका है। सरल और प्रभावशाली हिंदी में लिखी गई यह पुस्तक आपको विचारों, आदतों और निर्णयों की शक्ति को समझने में मदद करती है, साथ ही यह सिखाती है कि इन्हें वास्तविक जीवन में कैसे लागू किया जाए।

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  • मानसिकता और आदतें – विचारों, विश्वासों और दैनिक दिनचर्या का विज्ञान जो स्थायी सफलता का आधार हैं।

  • धन और नेतृत्व – धन प्रबंधन, प्रभाव बनाने और नेतृत्व कौशल के पाठ।

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हर अध्याय के साथ आप न केवल प्रभावी सिद्धांत सीखेंगे, बल्कि उन्हें रोज़मर्रा की ज़िंदगी में लागू करने के व्यावहारिक नियम भी सीखेंगे


Safalta Ke 24 Adhyay (24 Chapters of Success) is more than motivation—it’s a practical handbook for turning dreams into reality.

Written in simple Hindi, it teaches how thoughts, habits, and decisions can shape success.

Across 24 impactful chapters, you’ll learn :

✔ How to make better choices & overcome fear

✔ The role of mindset and daily routines

✔ Lessons in money, leadership & influence

✔ Why health and balance matter for growth


BHARAT ME DIRECT SELLING BUSINESS KA SHRUWAT

 भारत में डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस का शुरूआत कब और कैसे हुआ??


भारत में डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस का शुरूआत 1995 में mr चेतन हांडा और उसके साथी ने किया था ये दोनों कुछ काम से अमेरिका गए थे एक दिन दोनों एक रेस्टोरेंट में चाय पीनें गए थे तभी एक 19,20 साल का एक लड़का एक महंगी गाड़ी से आता है mr चेतन हांडा और उसके साथी जिस रेस्टोरेंट में चाय पीने गए थे उसी रेस्टोरेंट में एक वेटर का काम करता था ये सभी बाते जानकर दोनों हैरान हो गए कि एक वेटर के पास ये सभी कैसे ? तभी जाकर उस वेटर से पूछता है इतना अच्छा लाइफ स्टाईल होने के बाद ये वेटर का कम क्यों कर रहे हो तब वेटर बोलता। है कि मैं एक बिज़नेस मैन हु मैं बिज़नेस करता हु जब हमको थोड़ा समय मिलता है तो ये वेटर का काम करता हु तभी दोनों उससे बिजनेस के बारे में पूछते है कि कैसा बिजनेस जो कि इतना कम उम्र में इतने ऊंचाई पर पहुंच गए तभी वेटर बताता है कि मैं एक डॉयरेक्ट सेलिंग बिज़नेस करता हूं मै एक डॉयरेक्ट सेलार हु। तब से लेकर वे दोनों ने इस बिज़नेस को सिखा समझा और इस बिजनेस को भारत में लाने का सोचा और इस बिजनेस को 1995 में अमेरिका से भारत लाए , लेकिन ये बिजनेस शुरू में भारत के लोगों को समझ नहीं आया इस कारण से भारत के लोग इस बिज़नेस को स्वीकार नहीं किया और ये बिजनेस को  वापस अमेरिका लिया गया । और इसमें संशोधन किया गया  भाषा में बदलाव किया गया इससे बिज़नेस को समझने में आसान हो गया और फिर से भारत में 10 अगस्त 2003 में स्थापना किया गया।
जिस प्रकार भारत में शुरुआत में ट्रेन आया तो भारत के लोग काला भूत कहते थे और इसमें बैठने से भी डरते थे इसे भी स्वीकार नहीं किए लेकिन आज भारत के लोग ही train का सफर करने केवलिए 1 महीने पहले टिकट करते है
और bata कंपनी का चप्पल जूता आया तो इसको भी शुरुआत में स्वीकार नहीं किया । लेकिन आज के समय में bata केवल name nhi ब्रांड hai ब्रांड 
जब गैस स्लेंडर भी शुरुआत में आया इसको भी स्वीकार नहीं कर रहे थे कहते थे कि आग का गोला है लेकिन वही आज आग का गोला हर घर में है
और जब शुरूआत में नौकरों भी आया इसको भी भारत के लोग इसे स्वीकार नहीं किया लेकिन आज के समय में वही नौकरी को पाने के लिए आज इधर उधर भटक रहे है आज वही नौकरी को पाने किए लाखों करोड़ों लोग compatition का तैयारी कर रहे है आज वही नौकरी को पाने के लिए मंदिर मस्जिद जा रहे है कि नौकरी हो जय 

शनिवार को सोने की कीमतें: इस शादी के मौसम में, 22 नवंबर को मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और अन्य शहरों में 24, 22,000 रुपये के भाव देखें

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